जब कुछ काम नहीं होता तो वो सिगरेट जला लेते हैं
जब उन्हें थोड़ी खुंदक /गुस्सा आती है तो सिगरेट जला लेते हैं
जब वो खुश होते हैं तो सिगरेट सुलगने लगती हैं थोक में
बियर खुलेगी तो सिगरेट जलेगी
दारू पिवेगी तो भी सिगरेट जलेगी
गर्लफ्रेंड नाराज तो सिगरेट से गम हल्का होगा
किसी ने डांट दिया तो फिर सिगरेट की ओर रुख होगा
थकान ,सर में दर्द तो इलाज भी सिगरेट से होगा
कभी पखाने में तो कभी तहखाने में अरे छोड़ो मयखाने को
रास्ते लम्बे हों तो सिगरेट का साथ होगा
मौसम ठंडा तो गर्मी भी सिगरेट से मिलेगी
दोस्ती और दुश्मनी सिगरेट के छल्ले
खुशी और गम में साथ,, जब सिगरेट होगी आपके हाथ ..
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