बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

काश तुम होती प्रेयसी मेरी

काश तुम होती प्रेयसी  मेरी 
जी भर कर मोहब्बत करती मुझसे 
तब फिर मै 
तुम्हारे इस गुलाबी चेहरे को ..
ढक लेता अपनी हथेलिओं से 
क्योंकि ये धूप तुम्हे बर्दाश्त नहीं होती ..
तुम तो बनी हो सिर्फ चाँद की रोशनी के लिए 
पर कहाँ गर्म सूरज की तपन ..
कभी कभी लगता है ..
कि कहाँ तुम स्वछ झील सी 
और मै मटमैला तालाब हूँ 
तुम तो उस जंगल के पौधे जैसे 
जहां किसी की पहुँच नहीं ..
काश तुम मेरी होती तो 
रखता इतना संभल कर 
अच्छे से जैसे हीरे और मोती 
 आपको समर्पित मेरा समर्पण ..

शनिवार, 2 फ़रवरी 2013

चिड़िया ,कबूतर ,कोयल ,बतख ,मोर ,गौरैया , तोता

चिड़िया ,कबूतर ,कोयल ,बतख ,मोर ,गौरैया , तोता ..
जब बीमार होते होंगे तो इलाज़ कहाँ करवाते होंगे ......
शायद प्रकृति इनकी देखभाल करती होगी ..
क्योंकि मैंने लावारिस इंसान तो सड़क पर मरते देखें है 
पर पक्षियों को यहाँ वहाँ मरे हुए नहीं देखा ..
जबकि उनकी संख्या भी लाखों करोडो हैं 
पता नहीं ये अपने प्राण कहाँ त्यागते हैं 
या फिर कभी मरते ही नहीं ....
हाँ कभी कभी ओलों से घायल पक्षी जरूर देखें हैं 
जो पक्षी इंसान के चंगुल में फस गए 
उनको मैंने बीमार सा देखा है ..
निराश और उदास सा देखा है ...
क्या आपने कभी पक्षीयों को 
मरते ,तडपते ,बीमार हालत ने देखा है 
इंसानों की तरह .....शायद यदा कदा ......